मानसून सेमेस्टर की परीक्षाएं पूरी कराने को जेएनयू प्रशासन छात्रों को देगा घर से परीक्षा देने की सुविधा

। जेएनयू छात्र संघ की तरफ से एग्जाम बायकॉट किए जाने के बीच 12 दिसंबर से शुरू मानसून सेमेस्टर परीक्षाएं पूरी कराने के लिए जेएनयू प्रशासन छात्रों को होम एग्जाम की सुविधा देने का फैसला किया है। प्रशासन ने कहा है कि जो छात्र परीक्षा देना चाहते हैं, उन्हें हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उसमें प्रश्नपत्र मेल पर भेजा जाएगा और फिर आंसर सीट लिखकर उसकी फोटो मेल पर भेज सकते हैं या वाट्सएप की सुविधा भी दी जा सकती है। प्रशासन ने कहा है कि जेएनयू में, छात्रों के मूल्यांकन को अलग-अलग तरीकों से आयोजित किया जाता है - होम असाइनमेंट, क्विज, टर्म पेपर, प्रेजेंटेशन, सेक्शनल एग्जामिनेशन आदि परीक्षाएं 12-20 दिसंबर के बीच होनी है लेकिन तमाम जगह प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षा के इच्छुक छात्रों को परीक्षा देने से रोक रहे हैं। यही वजह है कि स्कूलों के डीन और स्पेशल सेंटर के अध्यक्षों ने होम एग्जाम का फैसला लिया से जारी बयान के अनुसार छात्रों का शैक्षणिक भविष्य खराब ना हो इसलिए ये प्रावधान किया गया है। अगर छात्र इस होम एग्जाम को भी लिखकर भेजने से इनकार करते हैं तो अगले सेमिस्टर में में पंजीकरण के पात्र नहीं होंगे। जो परीक्षा देने को तैयार हैं, उन्हें परीक्षा लिखने का अवसर दिया जाएगा।जेएनयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष डी.के. लोबियान और सचिव सुरजित मजूमदार की तरफ से यूनिवर्सिटी के विजिटर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर कहा है कि यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. एम. जगदीश का घर बैठे परीक्षा देने की छूट से यहां का हाहाक सिस्टम बर्बाद हो जाएगा। 9 दिन पहले भी पत्र लिखा था कि वीसी जिद्द के कारण बातचीत से सुलझाने की बजाए हास्यास्पद तरीके से परीक्षा लेने की कोशिश में जुटे हैं। सभी तरह की परीक्षाएं ईमेल और वाट्सएप से होंगी। छात्रों को परीक्षा से परखने का इस तरह का सिस्टम स्वीकार्य नहीं है।